कोई शक्ति मनुष्य को भीतर से जीवित रखती है, तो वह साहित्य है : आशुतोष अग्निहोत्री

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ‘कलम’ में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं कवि आशुतोष अग्निहोत्री ने साझा की साहित्यिक यात्रा, सुनाईं मार्मिक कव…

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जीवन में कितनी भी कड़वाहट आए,अपने भीतर की मिठास कम नहीं होनी चाहिए – इरा टाक

प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल ‘कलम’ के अंतर्गत जयपुर में आयोजित साहित्यिक संध्या में लेखिका इरा टाक से संवाद जीवन में कितनी भी कड़…

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दर्शकों को कमतर समझना फिल्म उद्योग की सबसे बड़ी भूल है : अनंत विजय

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ‘कलम’ कार्यक्रम का गुवाहाटी में आयोजन दर्शकों को कमतर समझना फिल्म उद्योग की सबसे बड़ी भूल है : अनंत विजय दर्शकों को…

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प्रेम कभी समाप्त नहीं होता, बल्कि समय के साथ उसका स्वरूप बदलता रहता है : शिंजिनी कुमार

अयोध्या में कलम के मंच पर शिंजिनी कुमार ने साझा किए प्रेम, स्मृतियों और जीवन के गहन अनुभव प्रेम कभी समाप्त नहीं होता, बल्कि समय के साथ उसका…

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भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के साथ हिन्दी के प्रति सम्मान भी बढ़ा है : दिव्या माथुर

‘कलम’ में लेखिका दिव्या माथुर ने साझा किए साहित्य, प्रवास और मानवीय संवेदनाओं के अनेक आयाम भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के सा…

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