जीवन में कितनी भी कड़वाहट आए,अपने भीतर की मिठास कम नहीं होनी चाहिए – इरा टाक

प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल ‘कलम’ के अंतर्गत जयपुर में आयोजित साहित्यिक संध्या में लेखिका इरा टाक से संवाद जीवन में कितनी भी कड़…

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लेखक बनना मुझे उतना ही प्रिय है, जितना राजनयिक बनना : अंजु रंजन

कोलकाता में आयोजित ‘कलम’ सत्र में आईसीसीआर की उपमहानिदेशक अंजु रंजन ने साझा किए राजनयिक और साहित्यिक जीवन के अनुभव लेखक बनना मुझ…

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कोई शक्ति मनुष्य को भीतर से जीवित रखती है, तो वह साहित्य है : आशुतोष अग्निहोत्री

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ‘कलम’ में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं कवि आशुतोष अग्निहोत्री ने साझा की साहित्यिक यात्रा, सुनाईं मार्मिक कव…

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Stories from the Margins

An engaging evening of conversation and reflection Stories from the Margins An engaging evening of conversation and reflection unfolded in G…

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