Kalam Patna with Arvind Yadav

Kalam Patna with Arvind Yadav

महिमामंडन नहीं, सत्य का दस्तावेज़ है जीवनी – अरविंद यादव

– पटना के ‘कलम’ सत्र में लेखक ने साझा की जीवनी-लेखन की शोधयात्रा

पटना में आयोजित ‘कलम‘ के विशेष सत्र में वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं प्रतिष्ठित जीवनीकार श्री अरविंद यादव ने लेखन, पत्रकारिता, समाज और जीवन के विविध पहलुओं पर अपने अनुभवों, विचारों और संवेदनाओं को अत्यंत आत्मीयता के साथ साझा किया। इस सार्थक संवाद में सुप्रसिद्ध रंगकर्मी, नाट्य निर्देशक एवं संस्कृति-संरक्षक श्री अनीश अंकुर ने संवादकर्ता की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ पटना की अहसास वूमन अनुभा आर्या के स्वागत उद्बोधन से हुआ।

संवाद के दौरान श्री अरविंद यादव ने विशेष रूप से जीवनी-लेखन की प्रक्रिया, उसकी चुनौतियों तथा दलाई लामा की जीवनी के लेखन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी जीवित एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित व्यक्तित्व की जीवनी लिखते समय सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वह महिमामंडन या अभिनंदन-ग्रंथ बनकर न रह जाए। इसलिए उन्होंने अपनी पुस्तक में किसी भी घटना की व्याख्या करने या व्यक्तिगत निर्णय देने के बजाय तथ्यों को उसी रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया, जैसे वे घटित हुए। उनका मानना है कि घटनाओं का मूल्यांकन पाठकों पर छोड़ देना ही एक जीवनीकार का दायित्व है।

Author Arvind Yadav

संवाद के क्रम में उन्होंने तिब्बत में बौद्ध धर्म के विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर भी प्रकाश डाला। नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों के विनाश के बाद भी यही अनूदित साहित्य तिब्बत में सुरक्षित रहा, जिसने भारतीय बौद्ध परंपरा को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सत्र के समापन पर पटना की अहसास वूमन अन्विता प्रधान ने भावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बिहार विधान परिषद् के उपसभापति श्री राम वचन राय ने विशिष्ट अतिथि श्री अरविंद यादव तथा संवादकर्ता श्री अनीश अंकुर को जनजातीय मुखौटे भेंट कर सम्मानित किया। इसके पश्चात आयोजित पुस्तक हस्ताक्षर सत्र ने लेखक और पाठकों के बीच संवाद के इस आत्मीय संबंध को और भी सशक्त बनाया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल अहसास वूमेन, पटना की ओर से किया गया। नवरस स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के सहयोग, ताज सिटी सेंटर, पटना के आतिथ्य सहयोग तथा दैनिक जागरण के मीडिया सहयोग से यह साहित्यिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

घटनाओं का मूल्यांकन पाठकों पर छोड़ देना ही एक जीवनीकार का दायित्व है।

Audience
Book Signing
Conversation
Conversationalist felicitated by Prof. Dr. Ram Bachan Rai
Conversationalist Anish Ankur
Thank You Note by Anvita Pradhan, Ehsaas Woman of Patna
Welcome Note by Anubha Arya, Ehsaas Woman of Patna