– पौराणिक कथाओं में छिपे जीवन-मूल्यों और नैतिक प्रश्नों पर हुआ कलम का सार्थक संवाद
कहानी समय और स्थान की सीमाओं से परे होती है — आशुतोष गर्ग
कहानी समय और स्थान की सीमाओं से परे होती है। किसी भी कहानी का महत्व इस बात में नहीं होता कि वह कब लिखी गई, बल्कि इस बात में होता है कि उसके पीछे उद्देश्य क्या है। यह विचार लेखक, अनुवादक एवं भारतीय रेल मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी आशुतोष गर्ग ने प्रभा खेतान फाउंडेशन के कलम सत्र के अंतर्गत भुवनेश्वर में आयोजित साहित्यिक संवाद के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पौराणिक कथाएँ केवल अतीत की घटनाओं का संग्रह नहीं हैं, बल्कि वे जीवन-मूल्यों, नैतिकता और मानवीय व्यवहार को समझने का माध्यम हैं।
कार्यक्रम का स्वागत संबोधन अहसास वूमेन, भुवनेश्वर की निधि गर्ग ने प्रस्तुत किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा साहित्य, संस्कृति, कला और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की।
कलम के इस सत्र में आशुतोष गर्ग के साथ वेदुला रामलक्ष्मी अहसास वूमेन, भुवनेश्वर ने संवाद किया। संवाद का प्रमुख केंद्र उनकी चर्चित पुस्तक ‘फोर सिंगल मदर्स’ रही, जिसमें महाभारत की हिडिंबा, उलूपी और चित्रांगदा के जीवन-संघर्षों के साथ आधुनिक समय की एकल माँ नयनतारा की कहानी को जोड़ा गया है।
आशुतोष गर्ग ने कहा कि लेखक का उद्देश्य किसी एक पक्ष का समर्थन या विरोध करना नहीं होता, बल्कि समाज के सामने मौजूद मुद्दों को संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करना होता है। उन्होंने कहा कि अनुवाद दो भाषाओं और संस्कृतियों के बीच एक सेतु का कार्य करता है। अनुवाद श्रेष्ठ साहित्य को नए पाठकों तक पहुँचाने और विभिन्न भाषाओं के साहित्यिक संसार को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
विवांता भुवनेश्वर के अनंत सिंह मारवाह ने साहित्य और संस्कृति को जोड़ने वाले ऐसे आयोजनों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच विचारों के आदान-प्रदान और रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम के दौरान फिल्म निदेशक व अभिनेता प्रीतिराज सतपथी ने आशुतोष गर्ग को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अंत में अहसास वूमेन, भुवनेश्वर की निधि गर्ग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों, सहयोगियों तथा उपस्थित साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कलम भुवनेश्वर का आयोजन प्रभा खेतान फाउंडेशन की ‘अहसास वूमेन, भुवनेश्वर’ के अंतर्गत विवांता भुवनेश्वर के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
अनुवाद श्रेष्ठ साहित्य को नए पाठकों तक पहुँचाने और विभिन्न भाषाओं के साहित्यिक संसार को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।







